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Indian Air Force Career: भारतीय वायुसेना (IAF) में करियर बनाना सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि ये सम्मान और गर्व से भरी एक जीवनशैली है. देश के लिए आसमान की अनंत ऊंचाइयों पर उड़ान भरने और वायुसेना का हिस्सा बनने का सपना हर साल लाखों युवा देखते हैं. हालांकि, सही जानकारी और सही गाइडेंस न मिल पाने के कारण कई बार योग्य उम्मीदवार भी इस दौड़ में पीछे रह जाते हैं. अगर आप भी भारतीय वायुसेना में अधिकारी या अग्निवीर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं, तो आपके पास करियर के कई बेहतरीन रास्ते मौजूद हैं.
12वीं पास करने से लेकर ग्रेजुएशन के बाद तक, भारतीय वायुसेना में एंट्री के कई रास्ते मौजूद हैं. नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), एयरफोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट (AFCAT) या कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज (CDS) आदि के जरिए वायुसेना में एंट्री मिल सकती है. आइए योग्यता, आयु सीमा और सेलेक्शन प्रोसेस से लेकर वो सब कुछ जानते बैं तो भारतीय वायुसेना में भर्ती के जरूरी है.
अगर आप कक्षा 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद भारतीय वायुसेना में करियर बनाना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे बेहतरीन रास्का एनडीए है. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की ओर से हर साल दो बार NDA I और NDA II परीक्षा का आयोजन किया जाता है. इसके लिए वो उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने फिजिक्स और मैथमेटिक्स सब्जेक्ट के साथ 12वीं पास की हो. न्यूनतम उम्र साढ़े 16 साल और अधिकतम साढ़े 19 साल होती है. लिखित परीक्षा में पास होने के बाद योग्य उम्मीदवारों को 5 दिवसीय SSB इंटरव्यू में शामिल होना होता है. इसके अलावा फ्लाइंग ब्रांच के लिए कंप्यूटरीकृत पायलट चयन प्रणाली टेस्ट और मेडिकल परीक्षा में सफल होने के बाद नौकरी हासिल कर सकते हैं.
ग्रेजुएशन पूरी कर चुके युवाओं के लिए भारतीय वायुसेना में शामिल होने का सबसे मुख्य रास्ता एयर फोर्स कॉमन एडमिशन टेस्ट है. भारतीय वायुसेना साल में दो बार इस परीक्षा का आयोजन करती है, जिसके माध्यम से फ्लाइंग, टेक्निकल और ग्राउंड ड्यूटी (नॉन-टेक्निकल) शाखाओं में अधिकारियों का चयन किया जाता है.
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो फ्लाइंग ब्रांच के लिए 12वीं में मैथ्स और फिजिक्स में कम से कम 50% अंक और किसी भी स्ट्रीम में न्यूनतम 60% अंकों के साथ ग्रेजुएशन जरूरी है. टेक्निकल ब्रांच के लिए संबंधित ट्रेड में 4 साल की B.E. या B.Tech डिग्री और ग्राउंड ड्यूटी (नॉन-टेक्निकल) के लिए एडमिनिस्ट्रेशन, लॉजिस्टिक्स या अकाउंट्स ब्रांच के लिए न्यूनतम 60% अंकों के साथ ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन होनी चाहिए.
आयु सीमा की बात करें तो फ्लाइंग ब्रांच के लिए 20 से 24 साल और ग्राउंड ड्यूटी (टेक्निकल/नॉन-टेक्निकल) के लिए 20 से 26 साल उम्र सीमा है. अगर चयन प्रक्रिया की बात करें तो उम्मीदवारों को पहले ऑनलाइन लिखित परीक्षा AFCAT में सफल होना पड़ता है जिसके बाद AFSB इंटरव्यू में शामिल होना पड़ता है और आखिर में मेडिकल टेस्ट के आधार पर चयन किया जाता है.
संयुक्त रक्षा सेवाएं यानी सीडीएस के माध्यम से वो लोग भारतीय वायु सेना में एंट्री पा सकते हैं जिन्होंने ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कर ली हो. ग्रेजुएट उम्मीदवारों को यूपीएससी की सीडीएस परीक्षा में शामिल होना होगा. इसके माध्यम से परमानेंट कमीशन के तहत फ्लाइंग ब्रांच में एंट्री मिलती है. UPSC की ओर से साल में दो बार CDS I और CDS II परीक्षा का आयोजन किया जाता है.
किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में डिग्री या फिजिक्स और मैथ्स के साथ B.Sc करने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं. इसमें अविवाहित पुरुष उम्मीदवार की आयु सीमी 20 से 24 साल है. लिखित परीक्षा में पास होने के बाद AFSB इंटरव्यू, CPSS टेस्ट और मेडिकल जांच में भी पास होना जरूरी है.
अगर आप भारतीय सेना में बिना लिखित परीक्षा के सीधा इंटरव्यू के माध्यम से एंट्री चाहते हैं तो इसके लिए NCC की स्पेशल एंट्री के रास्ता है. अगर आपके पास NCC 'C' सर्टिफिकेट है, तो किसी भी लिखित परीक्षा को देने की जरूरत नहीं है. सीधे AFSB इंटरव्यू के बाद मेडिकल क्लियर करने वालों को फ्लाइंग ब्रांच में ट्रेनिंग के लिए बुला लिया जा सकता है.
हैदराबाद स्थित एयर फोर्स एकेडमी (AFA), डुंडीगल भारतीय वायुसेना का प्रमुख और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण संस्थान है. AFCAT या अन्य माध्यमों से चयनित उम्मीदवारों को यहीं फ्लाइंग, टेक्निकल और ग्राउंड ड्यूटी की कड़ी और आधुनिक ट्रेनिंग दी जाती है.