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Indian Air force Day 2026: एक दौर था जब महिलाएं सिर्फ स्कूल, अस्पतालों या बैक या फिर ऑफिस तक सीमित थीं, लेकिन बदलते जमाने के साथ न सिर्फ महिलाओं का आंकड़ा शिक्षा हासिल करने के मामले में बढ़ रहा है बल्कि वो सीधे कॉम्बैट जोन में दुश्मनों को ललकार रही हैं. 8 अक्टूबर 1932 को जब भारतीय वायुसेना की नींव रखी गई थी, तब किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि एक दिन देश की बेटियां भी लड़ाकू विमानों की कमान संभालकर दुश्मनों के छक्के छुड़ाएंगी.
भारतीय वायुसेना दिवस पर जहां आसमान में फाइटर जेट्स का हैरतअंगेज करतब दिखता है, वहीं इसके पीछे भारत की नारी शक्ति का अप्रतिम योगदान भी छुपा है. क्या आप जानते हैं कि देश की पहली महिला लड़ाकू पायलट कौन थीं? या राफेल की कमान सबसे पहले किस महिला अफसर को मिली? आइए भारतीय वायुसेना की उन वीरांगनाओं के बारे में जानते हैं जिन्होंने हर बाधा को तोड़कर देश का मान बढ़ाया है.
अगर कोई सवाल करे कि भारतीय वायुसेना में पहली महिला अधिकारी कौन थीं, तो इसके जवाब के लिए आपको सोचना नहीं चाहिए. विंग कमांडर डॉ. विजयलक्ष्मी रमानन ही भारतीय वायुसेना की पहली महिला अधिकारी हैं, जिन्होंने IAF में महिलाओं की एंट्री की नींव रखी थी. डॉ. विजयलक्ष्मी रमानन ने 1955 में आर्मी मेडिकल कोर (AMC) के माध्यम से वायुसेना में कदम रखा था.
इसके बाद वो IAF की पहली महिला अफसर बनीं और उन्होंने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान मोर्चे पर घायल जवानों का इलाज कर अपना ऐतिहासिक योगदान दिया. साल 1979 में वो विंग कमांडर के पद से रिटायर हुईं और उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए उन्हें 'विशिष्ट सेवा पदक' से सम्मानित किया गया था.
भारतीय वायुसेना में पहली महिला फाइटर पायलटों के तौर पर भावना कांत, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह नामक इन तीनों महिलाओं का संयुक्त रूप से चयन हुआ था. ये तीनों एक साथ जून 2016 में भारतीय वायुसेना के फाइटर स्क्वाड्रन का हिस्सा बनी थीं.
फ्लाइंग ऑफिसर भावना कांत, अवनी चतुर्वेदी और मोहना सिंह को 18 जून 2016 को आधिकारिक रूप से वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन किया गया. इनमें से अवनी चतुर्वेदी पहली भारतीय महिला बनीं जिन्होंने अकेले मिग-21 बायसन लड़ाकू विमान उड़ाया, जबकि भावना कांत वो पहली महिला फाइटर पायलट बनीं जिन्होंने युद्ध अभियानों के लिए योग्यता हासिल की थी.
ग्रुप कैप्टन शालिजा धामी भारतीय वायुसेना की किसी फ्रंटलाइन कॉम्बैट यूनिट की कमान संभालने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं. वो भारतीय वायुसेना की पहली महिला चीता या चेतक हेलीकॉप्टर फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं.
जब भारतीय वायुसेना के बेड़े में दुनिया के सबसे आधुनिक लड़ाकू विमान 'राफेल' को शामिल किया गया, तब भी देश की बेटी ने एक नया इतिहास रचा. उत्तर प्रदेश के वाराणसी की रहने वाली स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह राफेल लड़ाकू विमान उड़ाने वाली भारत की पहली महिला पायलट बनीं. शिवांगी सिंह 2017 में वायुसेना में शामिल हुई थीं. उन्होंने राफेल की कमान संभालने से पहले मिग-21 बायसन जैसे फाइटर जेट की भी सफल उड़ानें भरी हैं.