संदेशखाली में महिलाओं पर अत्याचार करने वाले शाहजहां शेख पश्चिम बंगाल पुलिस की गिरफ्त में नहीं, मेहमान नवाजी में हैं-राजीव बिंदल
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संदेशखाली में महिलाओं पर अत्याचार करने वाले शाहजहां शेख पश्चिम बंगाल पुलिस की गिरफ्त में नहीं, मेहमान नवाजी में हैं-राजीव बिंदल

Shimla News in Hindi: जब शाहजहां शेख को ईडी द्वारा लगाई गई धारा के तहत गिरफ्तार किया गया, तो क्यों उसे ईडी को सौंपा नहीं गया? शिमला में भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने पूछा सवाल.

संदेशखाली में महिलाओं पर अत्याचार करने वाले शाहजहां शेख पश्चिम बंगाल पुलिस की गिरफ्त में नहीं, मेहमान नवाजी में हैं-राजीव बिंदल

Shimla News: भारतीय जनता पार्टी प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने आज शिमला सीटीओ में एक धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी द्वारा संदेशखाली में महिलाओं का यौन शोषण के आरोपी शाहजहां शेख की गिरफ्तारी के बाद उसे वीवीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है. 

पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ शाहजहां शेख जिस अकड़ के साथ पेश आ रहा है. उससे अंदाजा लगता है कि जेल के अंदर वह किस ठाठ के साथ रहेगा.  साथ ही, उन्होंने हाल ही कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद द्वारा पाकिस्तान के बारे में विवादित बयान देने पर अन्य कांग्रेसी नेताओं के पाकिस्तान प्रेम के तथ्यों को भी प्रमुखता से रखा. 

डॉ. बिंदल ने कहा कि 56 दिन तक फरार रहने के बाद आज शाहजहां शेख को ईडी की धारा के तहत गिरफ्तार किया गया है, लेकिन उसके ऊपर संदेशखाली मामले को लेकर बलात्कार या बलात्कार के लिए प्रेरित करने की कोई भी धारा नहीं लगाई गई है. ऐसा क्यों? दूसरी ओर, ये भी साफ हो गया कि पश्चिम बंगाल की ममता सरकार द्वारा की गई गिरफ्तारी का संदेशखाली के गुनाहों से कोई लेना देना नहीं है और उनकी गिरफ्तारी पर बड़ा प्रश्न ये उठता है कि अगर शेख शाहजहां को प्रवर्तन निदेशालय की कार्यवाही के तहत गिरफ्तार किया गया है, तो ममता बनर्जी की सरकार उसे ईडी को क्यों नहीं सौंप रही है? ये सभी संकेत साफ तौर पर संदेह उत्पन्न करता है कि अब तक शेख शाहजहां ममता सरकार के संरक्षण में ही कहीं सुरक्षित था. 

अब उसे दोबारा हिफाजत देने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने उसे अपनी पुलिस की मेहमान नवाजी में भेज दिया है. तथाकथित गिरफ्तारी के समय शेख शाहजहां की भाव भंगिमा और वहां की पुलिस के हाव- भाव देखकर साफ पता चलता है. उसे पुलिस की मेहमान नवाजी में ही भेजा गया है. शेख शाहजहां के चेहरे पर कोई बेबसी और भय का भाव नहीं था. आमतौर पर किसी भी अपराधी की गिरफ्तारी के समय पुलिस आगे चलती है और अपराधी पुलिस जंजीरों में बंधा उनके पीछे चलता है, लेकिन यहां तो लग रहा था कि पुलिस शाहजहां शेख को सुरक्षा दे रही है. 

ममता बनर्जी की सरकार की संदेशखाली मामले में दिए गए सन्देश देश और समाज के लिए बहुत साफ है. शाहजहां शेख को अब तक ममता बनर्जी की सरकार सेक्युलर प्रोटेक्शन ही दे रही थी और अब तो उसे लीगल प्रोटेक्शन भी दे दी गई है. इस तरह की तथाकथित गिरफ्तारी पर डॉ. बिंदल ने तृणमूल कांग्रेस और इंडी गठबंधन दोनों से प्रश्न पूछा कि गिरफ्तारी के समय शेख शाहजहां द्वारा जीत का विक्ट्री साइन दिखाए जाने का क्या मतलब है? क्या वो महिलाओं के ऊपर अत्याचार, दमन, उत्पीड़न दुष्कर्म और उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने को विजय बता रहा है? महिलाओं पर अत्याचार और उत्पीड़न को विजय का प्रतीक बताना मध्यकालीन मुगलिया मानसिकता का प्रतीक है. 21वीं सदी में शेख शाहजहां और ममता बनर्जी की सरकार मुगलिया मानसिकता से शासन करते हुए दिखाई दे रही हैं. 

डॉ. बिंदल ने कहा कि तमिलनाडु की डीएमके सरकार ने इसरो के दूसरे लॉन्च पैड के निर्माण की सराहना करने वाले अखबार के एक विज्ञापन में भारतीय रॉकेट पर सबसे ऊपर चीन का झंडा लगाया है. चीन के साथ करार और डोकलाम में चीन के राजनयिकों के साथ लंच और डिनर तो सबको याद है, लेकिन अब यही कसर बची थी कि इंडी गठबंधन की सरकारों में मिसाइल पर चीन का झंडा नजर आ रहा है. 

भारत की विवेकपूर्ण जनता इंडी गठबंधन के हर कदम को बहुत बारीकी से देख रही है और देश की जनता समय आने पर इंडी गठबंधन को महिलाओं के उत्पीड़न का माकूल, पाकिस्तान से प्रेम का मुहंतोड़ और चीन के झंडे का समुचित जवाब देगी.  इसी डीएमके सरकार के मंत्री ने हिंदू धर्म के समूल नाश के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और इसी सरकार ने चीनी झंडा मिसाइल पर लगाया है. 

डीएमके के कार्यक्रमों में ही चीनी झंडा दिखाया जाता है और आज तक डीएमके की सरकार ने न इसके लिए माफी मांगी है न इसका खंडन किया है और न ही इसके लिए सफाई दी है. इसलिए ज्यों-ज्यों समय आगे बढ़ता जा रहा है. इंडी गठबंधन के दलों की भारत, भारतीय समाज के प्रति असंवेदनशीलता और हिमाकत उभर कर सामने आ रही है. 

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