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फ्रांस में ऑनलाइन बिक रहा लूट का माल, इटली में मेलोनी मां-बाप से वसूलेंगी नाबालिगों की तोड़फोड़ का हर्जाना, आ गया नया कानून

फ्रांस में हिंसा के बाद जो महंगे स्टोर्स से सामान लूटा गया, उसको बेचने के लिए ऑनलाइन मार्केटप्लेस विंटेड पर डाला गया है. अधिकारी अब इसी पर निगरानी रखे हुए हैं कि इन सामानों की लिस्टिंग ना हो सके और ना ही इनको बेचा जा सके.

Written ByRachit Kumar
Published: Oct 21, 2026, 09:11 AM IST|Updated: Oct 21, 2026, 09:33 AM IST
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फ्रांस में ऑनलाइन बिक रहा लूट का माल, इटली में मेलोनी मां-बाप से वसूलेंगी नाबालिगों की तोड़फोड़ का हर्जाना, आ गया नया कानून
Image Credit: फ्रांस-इटली ने प्रदर्शनकारियों पर एक्शन तेज कर दिया है.

About the Author

Rachit Kumar

Rachit Kumar

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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फ्रांस में दंगों के दौरान क्या हुआ, वह पूरी दुनिया ने देखा. इमारतों को आग लगाने के अलावा प्रदर्शनकारियों ने बड़े-बड़े ब्रैंड्स के स्टोर्स से सामान को लूट लिया. इन सामानों को बेचने के लिए ऑनलाइन मार्केटप्लेस 'विंटेड' (Vinted) पर डाला गया. मगर अब इस पर एक्शन लिया जा रहा है. लूटपाट के जरिए हासिल किए गए फ्रांसीसी सामानों की लिस्टिंग को हटा दिया है और संदिग्ध विज्ञापनों की जांच तेज कर दी गई है. फ्रांसीसी अधिकारी अब इस जुगत में लगे हैं कि दंगों के दौरान लूटा गया सामान ऑनलाइन न बेचा जा सके.

लूटपाट के बाद फ्रांस का एक्शन

विंटेड का कहना है कि फ्रांस में वीकेंड पर हुई हिंसा और लूटपाट के बाद उनकी टीमों ने इन सामानों की पहचान करने और उन्हें हटाने के लिए कदम उठाए हैं. इस हिंसा में कई दुकानों में तोड़फोड़ की गई, जिससे करोड़ों डॉलर की संपत्ति का नुकसान हुआ और सामान लूटा गया.कंपनी ने कहा, विंटेड पर चोरी का सामान बेचना या उसे खरीदने की कोशिश करना पूरी तरह से बैन है. हम इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे.' कंपनी ने यह भी बताया कि उसने 'संदिग्ध लिस्टिंग की निगरानी बढ़ा दी है.'

लग सकता है बैन

विंटेड ने कहा कि जो अकाउंट उनके नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन पर हमेशा के लिए बैन लगाया जा सकता है. फ्रांसीसी सरकार ने ऑनलाइन मार्केटप्लेस की निगरानी बढ़ा दी है, क्योंकि ऐसी खबरें आई थीं कि शनिवार की हिंसा के दौरान लूटा गया सामान ऑनलाइन बिक्री के लिए रखा जा रहा था. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस हिंसा की चपेट में कई बड़े रिटेलर्स भी आए, जिनमें Louis Vuitton और Rolex जैसे लग्जरी ब्रांड और ब्यूटी रिटेलर Sephora शामिल हैं. 

'सेफोरा' ने बताया कि फ्रांस में उनके कई स्टोरों में तोड़फोड़ की गई, और वहां काम करने वाले कर्मचारियों को हिंसा, डर और तनाव का सामना करना पड़ा. Vinted पर चोरी का सामान बेचना मना है. संदिग्ध लिस्टिंग की पहचान करने के लिए कंपनी कई तरह की जांच करती है, जिसमें रिटेलर्स और यूज़र्स की ओर से मिलने वाली रिपोर्ट भी शामिल हैं. 2008 में लिथुआनिया में शुरू हुई विंटेड यूरोप के सबसे बड़े सेकंड-हैंड मार्केटप्लेस में से एक बन गई है. रॉयटर्स के अनुसार, फ्रांस, यूके और इटली इसके सबसे बड़े बाजारों में शामिल हैं.

इटली में मां-बाप को भरना होगा जुर्माना

वहीं, इटली ने हिंसा से निपटने के लिए नए फॉर्मूले को मंजूरी दे दी है. इनमें प्रदर्शनों के दौरान हिंसा में शामिल होने को नया क्राइम बनाना, दंगा करने वालों के लिए सख्त सजा का प्रावधान है. साथ ही अगर बच्चे तोड़फोड़ और लूटपाट में हिस्सा लेते हैं तो जुर्माना उनके मां-बाप से वसूला जाएगा. वीकेंड में मिलान समेत उत्तरी इटली के शहरों में युवाओं ने जमकर उपद्रव मचाया. उन्होंने खिड़कियां तोड़ीं, दुकानों में लूटपाट की और पुलिस पर हमले किए. प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा, 'तोड़फोड़ और चोरी में कुछ भी क्रांतिकारी नहीं है. तोड़फोड़ और चोरी विरोध-प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपराध हैं.'

इटली में नया आदेश लागू

 इटली में नया आदेश तुरंत लागू हो गया है. इसके तहत, अगर कोई शख्स कम से कम पांच लोगों के ग्रुप में शामिल होकर विरोध-प्रदर्शन के दौरान पब्लिक सिक्योरिटी को खतरे में डालता है, तो उसे पांच साल तक की जेल और अधिकतम 22,460 डॉलर तक का जुर्माना हो सकता है. अगर प्रदर्शनकारी अपना चेहरा छिपाते हैं या किसी को चोट पहुंचाते हैं, तो सजा और जुर्माना और बढ़ जाएगा. अधिकारियों को यह अधिकार दिया गया है कि वे नुकसान की तुरंत भरपाई का आदेश दे सकते हैं. अगर तोड़फोड़ करने वाले नाबालिग हैं तो माता-पिता से नुकसान का हर्जाना वसूला जाएगा.

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