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Alwar News: अलवर के अरावली विहार थाना क्षेत्र में मोती नगर के पास शनिवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार तीन दोस्तों की मौत हो गई. कार और बाइक की आमने-सामने की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों वाहन करीब पांच फीट ऊंची नाले की दीवार से जा टकराए और दीवार का हिस्सा टूट गया. हादसे के बाद कार चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया. रविवार को परिजनों के हत्या के आरोपों के बाद मामला गंभीर हो गया.
तेज मोड़ पर हुई कार-बाइक की भिड़ंत
जानकारी के अनुसार काली मोरी फाटक के पास सड़क पर तेज घुमाव है. इसी स्थान पर देर रात कार और बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई. बाइक पर तीन दोस्त सवार थे. टक्कर के बाद बाइक नाले की दीवार से जा भिड़ी. दीवार टूटने के कारण एक युवक उछलकर नाले में जा गिरा, जबकि दो अन्य सड़क की तरफ जा गिरे. तीनों युवकों की मौत हो गई.
अस्पताल पहुंचने पर तीनों को मृत घोषित किया
हादसे की सूचना मिलने के बाद अरावली विहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने तीनों घायलों को तत्काल अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय के ट्रॉमा वार्ड में पहुंचाया. चिकित्सकों ने जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया. हादसे की सूचना पर परिजन अस्पताल पहुंचे. मौत की खबर से परिवारों में कोहराम मच गया.
मृतकों की हुई पहचान
मृतकों की पहचान हिमांशु शर्मा, जितेंद्र राजपूत उर्फ छोटू और युवराज सैनी के रूप में हुई. जितेंद्र राजपूत उर्फ छोटू की उम्र 21 वर्ष थी. वह बजरंग सिंह का पुत्र और चोर डूंगरी निवासी था. 22 वर्षीय युवराज सैनी नेमीचंद के पुत्र थे और तहसीलदार कॉलोनी में रहते थे. 21 वर्षीय हिमांशु धर्मेंद्र शर्मा के पुत्र थे और अय्यप्पा मंदिर के सामने रहते थे. तीनों दोस्त थे और एक ही बाइक से जा रहे थे.
परिजनों ने हादसे को बताया साजिश
रविवार को मामले ने नया मोड़ ले लिया. मृतकों के परिजनों ने घटना को सामान्य सड़क हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे हत्या बताया. परिजनों का आरोप है कि युवराज सैनी का कॉलोनी के कुछ युवकों सचिन मीणा और सागर से विवाद चल रहा था. परिजनों ने आशंका जताई कि तीनों को साजिश के तहत कार से टक्कर मारकर मौत के घाट उतारा गया.
हत्या का मामला दर्ज करने की मांग
परिजनों ने सचिन मीणा और सागर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है. उनका कहना है कि जब तक दोनों के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई नहीं की जाती, वे तीनों युवकों के शव नहीं लेंगे. इससे अस्पताल परिसर में तनाव बन गया.
अस्पताल के बाहर लगाया जाम
परिजनों ने हत्या का मुकदमा दर्ज करने सहित अन्य मांगों को लेकर राजीव गांधी सामान्य अस्पताल के बाहर सड़क पर जाम लगा दिया. इसके बाद वे जिला अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए. धरने के कारण अस्पताल परिसर में तनाव है. परिजन अपनी मांगों पर अड़े हैं और शव लेने से इनकार कर रहे हैं.
प्रशासन के सामने रखीं कई मांगें
परिजनों ने मृतकों के परिवारों को 50-50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने, आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने, सचिन मीणा और सागर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने तथा मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग रखी है. दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग भी है.
पुलिस अधिकारियों ने संभाला मोर्चा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक कुमार, डीएसपी सिटी राजेश कसाना और थाना प्रभारी सुनील टांक मौके पर मौजूद हैं. पुलिस अधिकारी परिजनों से समझाइश कर रहे हैं. पुलिस हादसे की परिस्थितियों के साथ-साथ हत्या के लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है. कार कब्जे में लेकर फरार चालक की तलाश जारी है.
पोस्टमार्टम और जांच जारी
तीनों शव राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाए गए हैं. रविवार को पोस्टमार्टम कराया जाना है. पुलिस हादसे के कारणों और कार चालक की पहचान को लेकर जांच कर रही है. वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी तीन युवकों की मौत के मामले में सरकार को घेरा है. उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
फिलहाल परिजन मांगों पर कायम हैं. सड़क दुर्घटना से शुरू हुआ यह मामला अब हत्या के आरोपों के कारण तूल पकड़ चुका है. आगे की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है.