सारण में गंडक नदी के उफान और तटबंध टूटने से बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है. कहीं घरों में पानी घुस गया है, तो कहीं लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकानों की तलाश में हैं.
सारण आपदा के बीच जिला प्रशासन राहत और बचाव कार्य में पूरी मुस्तैदी से जुटा है. सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव और एसएसपी रौशन कुमार की कुछ ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जो प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं की भी मिसाल पेश कर रही हैं.
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शुक्रवार को जिले में 51 स्थानों पर सामुदायिक रसोई के माध्यम से बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराया गया. इसके अलावा मेडिकल टीमों को भी प्रभावित इलाकों में लगाया गया है. जरूरतमंद परिवारों के बीच पॉलिथीन शीट और पशुपालकों को पशुचारा भी उपलब्ध कराया जा रहा है.
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जिलाधिकारी और एसएसपी खुद अभियान की निगरानी कर रहे हैं. नावों के सहारे बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है. वहीं, प्रभावित परिवारों तक भोजन पहुंचाने के लिए सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही है.
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मकेर में दो स्थानों पर तटबंध टूटने से बाढ़ का पानी तेजी से गांवों में फैल गया है. मकेर की सभी पंचायतों के साथ अमनौर की कुछ पंचायतें भी प्रभावित हैं. वहीं, पानापुर में भी तटबंध टूटने से कई इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है. ऐसे में जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है.
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एसएसपी रौशन कुमार जहां नंगे पांव, पैंट को घुटनों तक समेटकर बाढ़ के पानी में राहत और बचाव कार्य में जुटे. जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव भी हवाई चप्पल पहनकर प्रभावित इलाकों में लोगों की मदद करते दिखें.
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एक तरफ जहां प्रशासन की टीमें दिन-रात लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटी हैं, वहीं जिले के शीर्ष अधिकारियों का खुद मैदान में उतरना यह दिखाता है कि आपदा की इस घड़ी में पीड़ितों के साथ खड़ा होना ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी है.