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झारखंड सरकार का बड़ा तोहफा, 100 आदिवासी छात्रों को JPSC की मिलेगी मुफ्त कोचिंग, रहना-खाना भी होगा फ्री

झारखंड सरकार अनुसूचित जनजाति वर्ग के 100 विद्यार्थियों को JPSC परीक्षा की निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है. छात्रों के पढ़ने, रहने और खाने की व्यवस्था भी की जाएगी. इस फ्री कोचिंग की जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्तर के संस्थान को सौंपी जाएगी.

झारखंड सरकार का बड़ा तोहफा, 100 आदिवासी छात्रों को JPSC की मिलेगी मुफ्त कोचिंग, रहना-खाना भी होगा फ्री
Image Credit: प्रतिकात्मक तस्वीर (AI Photo)

Jharkhand News: झारखंड सरकार का कल्याण विभाग ने अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराएगा. इसके तहत उन्होंने 100 आदिवासी विद्यार्थियों को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षा की तैयारी कराई जाएगी. खास बात यह है कि विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ रहने और खाने की भी व्यवस्था की जाएगी. इस योजना की जिम्मेदारी राष्ट्रीय स्तर के किसी संस्थान को सौंपी जाएगी.

योगेंद्र प्रसाद ने फैसले को बताया मील का पत्थर

झारखंड सरकार की इस पहल को लेकर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि सरकार की सोच राज्य के एसटी, एससी, अल्पसंख्यक और ओबीसी वर्ग के लोगों को आगे बढ़ाने की है. उन्होंने कहा कि भाजपा ने कभी इस तरह की सोच के साथ काम नहीं किया. हमारी सरकार का फोकस वंचित वर्गों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे अच्छी शिक्षा हासिल कर सकें और जीवन में आगे बढ़ सकें. वहीं, मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि राज्य सरकार का यह निर्णय झारखंड, यहां के लोगों, आदिवासियों और मूलवासियों के लिए मील का पत्थर साबित होगा.

विद्यार्थियों को मिलेगा आगे बढ़ने का अवसर

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य सरकार काम करने में विश्वास करती है. सरकार किसी वर्ग को केवल पद देकर खुश करने के बजाय उसके विकास के लिए काम करती है. वहीं, कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता कमल ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार और गठबंधन के दल हमेशा से इस दिशा में बेहतर काम करते रहे हैं. उन्होंने कहा कि समाज के निचले पायदान पर खड़े विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने और दूसरों के बराबर आने का अवसर मिलना चाहिए. सरकार की यह पहल उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने में मददगार साबित होगी.

शिक्षाविदों ने फैसले को बताया बेहतर पहल

वहीं, शिक्षाविदों ने भी राज्य सरकार के इस फैसले को बेहतर पहल बताया है. उनका कहना है कि झारखंड में इस तरह की व्यवस्था पहले ही शुरू हो जानी चाहिए थी, ताकि संसाधनों की कमी से जूझ रहे विद्यार्थियों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिल सके. शिक्षाविदों के मुताबिक, एसटी और एससी समुदाय के बच्चों को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है. यदि अधिक संख्या में आदिवासी विद्यार्थी प्रशासनिक सेवाओं में पहुंचते हैं, तो इससे राज्य और समाज दोनों को लाभ मिलेगा.

रिपोर्ट: कुमार चंदन

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Rupak Kumar

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रुपक कुमार मिश्रा zee bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-editor के तौर पर कार्यरत है. वे राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और रुटीन खबरों पर काम करते हैं. इसके अलावा, टेक्नोसिस मीडिया में इन्हें एक साल काम करने का अनुभव है. शिक्षा की बात करें तो राजर्षि टंडन ओपन यूनिवर्सिटी से इन्होंने मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की है.
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