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धनबाद वासेपुर AK-47 गोलीकांड: फहीम खान के घर हमले और बॉडीगार्ड की हत्या में 3 को आजीवन कारावास, 22 साल बाद आया फैसला

धनबाद के वासेपुर गोलीकांड मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है. ये मामला 29 जनवरी 2004 का है, जब वासेपुर के कमर मखदुमी रोड स्थित गैंगस्टर फहीम खान के आवास को अपराधियों ने AK-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग कर निशाना बनाया था.

धनबाद वासेपुर AK-47 गोलीकांड: फहीम खान के घर हमले और बॉडीगार्ड की हत्या में 3 को आजीवन कारावास, 22 साल बाद आया फैसला
Image Credit: धनबाद वासेपुर गोलीकांड, तीन दोषियों को उम्रकैद (फाइल फोटो)

धनबाद के चर्चित वासेपुर गोलीकांड और गैंगस्टर फहीम खान के घर पर हुई एके-47 से फायरिंग के लगभग 22 साल पुराने मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा दी है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय पारस कुमार सिन्हा की अदालत ने लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद शाहिद आलम, शहादत हुसैन और तनवीर आलम को विभिन्न गंभीर धाराओं में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है.

तीनों दोषियों को आजीवन कारावास
अदालत ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302, 120बी और 149 के तहत तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा दी है. इसके अलावा, आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत सात वर्ष और हत्या के प्रयास से जुड़ी धारा 307 के तहत दस वर्ष की कैद की सजा सुनाई गई है. अदालत ने स्पष्ट किया है कि ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. पीड़ित पक्ष के अधिवक्ता शाहबाज आलम ने इस बड़े फैसले की जानकारी दी है.

जानें क्या है पूरा मामला?
बता दें कि ये मामला 29 जनवरी 2004 का है, जब वासेपुर के कमर मखदुमी रोड स्थित गैंगस्टर फहीम खान के आवास को अपराधियों ने AK-47 से ताबड़तोड़ फायरिंग कर निशाना बनाया था. इस अचानक हुए भीषण हमले से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था. जान बचाने के लिए फहीम खान पड़ोसी की छत पर कूद गए थे, जिससे उनका पैर भी टूट गया था. हालांकि, इस हमले में उनके बॉडीगार्ड विनोद शर्मा, जो बिहार के अरवल जिले से थे, उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी.

सबसे चर्चित आपराधिक घटनाओं में से एक
घटना के वक्त जवाबी कार्रवाई और भागने के दौरान हमलावर शाहिद आलम के पैर में भी गोली लगी थी. पुलिस ने जब अपराधियों का पीछा किया, तो मुठभेड़ में सुल्तान नामक एक अन्य अपराधी मारा गया था. 2004 में वासेपुर में हुई यह घटना उस दौर की सबसे चर्चित आपराधिक घटनाओं में से एक थी. फहीम खान गोलीबारी में बाल-बाल बच गए, जबकि उनके बॉडीगार्ड विनोद शर्मा की मौत हो गई.

रिपोर्ट: नितेश कुमार मिश्रा

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Ranjana Kumari

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रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
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