Success Story of DSP Brijesh Parmar: 'कभी किसी को कम मत आंकना, किसी का आज देख कर उसे छोटा मत समझना, क्योंकि कल सबका आता है, अवसर सबका आता है, कोई भी व्यक्ति कम काबिल नहीं होता, बस वो सही जगह नहीं होता, उसका सही समय नहीं होता, लेकिन जब वो सही जगह पर, सही समय पर होता है तो फिर सिर्फ कमाल, धमाल और बेमिसाल होता है.' इंस्टाग्राम कैप्शन में लिखी ये पंक्तियां डीएसपी बृजेश परमार की सालों की मेहनत और बड़ी सफलता की गूंज हैं. दरअसल, असफलताओं का लंबा दौर देखने के बाद जब उन्होंने अपने लक्ष्य को हासिल किया और खाकी वर्दी पहनी, तो उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी कुछ तस्वीरें साझा कीं जिसमें वो डीएसपी पद मिलने का जश्न मना रहे थे और अपनी माता जी के साथ केक काट रहे हैं, उन्हीं तस्वीरों के साथ लिखा ये कैप्शन आज हर उस युवा के लिए मिसाल बन चुका है, जो जीवन में असफलताओं से निराश हो जाता है.
डीएसपी बृजेश परमार के लिए सफलता हासिल करने का ये सफर उतना आसान नहीं था, जितना आप सोच रहे हैं. उनकी जिंदगी में एक दौर ऐसा भी आया था जब वो नाकामयाबियों से हार मान चुके थे और उन्होंने पढ़ाई छोड़ने तक का फैसला ले लिया था, लेकिन कहते हैं न, किस्मत में अगर कुछ बड़ा लिखा हो, तो राहें अपने आप बनती चली जाती हैं.
जिस तरह से चर्चित आईपीएस ऑफिसर मनोज कुमार शर्मा को 12वीं में फेल होने के कारण लोगों के ताने सुनने पड़े थे, ठीक कुछ ऐसा ही डीएसपी बृजेश परमार के साथ हुआ था. कक्षा 12वीं में उन्होंने सिर्फ 3 अंक हासिल किए थे और फिर वो फेल हो गए थे. इसके बाद उन्होंने फिर से 12वीं की परीक्षा दी और उसमें पास होने के बाद बीए ग्रेजुएशन करने के लिए कॉलेज में एडमिशन लिया लेकिन वहां भी उन्हें असफलता हासिल करनी पड़ी. बीए फेल होने से वो पढ़ाई से दूर हो गए.
बृजेश परमार ने पढ़ाई छोड़ने का फैसला लिया और उन्होंने तय कर लिया कि वो अपना करियर अब प्रोफेशनल डांसर के तौर पर ही बनाएंगे. इस सफर में वो दिल्ली और मुंबई जैसे राज्यों में रहे और वहां पर उन्होंन कई बड़े कलाकारों के साथ काम किया. इसके अलावा कई कोरियोग्राफरों भी रहे जिनके साथ उन्होंने काम किया और कई प्रतिष्ठित मंचों पर शानदार प्रफोर्मेंशन भी दिया.
राजस्थान के सिरोही जिले के गोयली गांव के रहने वाले बृजेश परमार का परिवार कोटा में रहता है. उनकी मां हाउस वाइफ हैं और उनके पिता CISF में एएसआई अधिकारी पद पर हैं. देश भर के अलग-अलग जगहों पर उनके पिता का ट्रांसफर होता है और ये एक कारण है कि वो अपने पिता के साथ ज्यादा समय नहीं बिता पाते हैं. ऐसे में जब वो पढ़ाई को छोड़ने का सोच चुके थे तो उन्हें कोई सही मार्गदर्शन देने वाला नहीं था कि वो कुछ करें. ये भी नहीं जानते थे कि 11वीं अलग-अलग संकाय का चयन करना होता है या फिर किस संकाय का कौन सा उद्देश्य होता है.
जिंदगी में एक यूटर्न तब आया जब उन्होंने किताबों से दोस्ती करने का सोचा और राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा देने की तैयारी शुरू की. लगातार दो बार परीक्षा में सफलता हासिल की. उन्होंने राजस्थान सहकारिता विभाग में अधिकारी का पद हासिल किया था लेकिन डीएसपी बनने की चाह में उन्होंने फिर से परीक्षा दी और राजस्थान पुलिस में डीएसपी पद के लिए 5 अक्टूबर 2026 को वो राजस्थान पुलिस सेवा में सफल हुए. जयपुर स्थित अधिकारी प्रशिक्षण संस्थान में 14 अक्टूबर 2026 से वो ट्रेनिंग के लिए जाएंगे.