What is BNSS Section: आज यानी 2 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विभिन्न संगठनों और विपक्षी दलों द्वारा विरोध प्रदर्शन की घोषणा की गई थी. कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है और बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी है. इसके तहत क्षेत्र में कई तरह के प्रतिबंध लागू किए गए हैं. दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी है कि नई दिल्ली के क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 लागू की गई है. आइए जानते हैं, क्या धारा 144 की तरह ही धारा 163 है? धारा 163 का मतलब क्या है? BNSS की धारा 164 को नई दिल्ली में क्यों लागू किया गया है?
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी सूचना के अनुसार, नई दिल्ली क्षेत्र में बिना पूर्व लिखित अनुमति के किसी भी तरह की सभा, प्रदर्शन या आयोजन पर पूर्ण रोक रहेगी. BNSS की धारा 163 लागू होने के बाद क्षेत्र में निम्नलिखित प्रतिबंध प्रभावी रहते हैं.
दिल्ली पुलिस ने ट्वीट किया, "नई दिल्ली ज़िले में BNSS की धारा 163 लागू है।" pic.twitter.com/y8zSaalKF2
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 2, 2026
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 वही है जिसे पहले CrPC की धारा 144 कहा जाता था. दरअसल, 1 जुलाई 2024 से देश में पुरानी दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की जगह नया आपराधिक कानून BNSS लागू हो चुका है. इसके तहत पुरानी धारा 144 को अब धारा 163 के रूप में जाना जाता है. हालांकि, मूल भावना वही रखते हुए नई संहिता में इसके तहत कुछ प्रक्रियात्मक बदलाव और नई धारा संख्या जोड़ी गई है.

दिल्ली में बीएनएसएस की धारा 163 लागू करने के पीछे मुख्य कारण जंतर-मंतर पर बड़े पैमाने पर होने वाले विरोध प्रदर्शनों को रोकना है. दरअसल, कई राजनीतिक दलों और संगठनों द्वारा राजधानी में प्रदर्शन का ऐलान किया गया था. इसे देखते हुए दिल्ली पुलिस ने वीवीआईपी इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था सख्त करते हुए ये निषेधाज्ञा लागू की है. सुरक्षा के मद्देनजर नई दिल्ली क्षेत्र में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा से सटे दिल्ली के सभी बॉर्ड पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है.
#WATCH | Delhi | Security heightened at Jantar Mantar in view of a call for protest by activists, political leaders and civil society representatives against the ongoing Special Intensive Revision and demanding accountability from the Chief Election Commissioner.
Entry and exit… pic.twitter.com/x58ENirt09— ANI (@ANI) October 2, 2026