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समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना में 4 साल पहले दर्ज एक मामले में चार लोगों को जेल हुई थी. यह मामला एक युवक की कथित हत्या और उसकी लाश के गायब होने से जुड़ा था, लेकिन अब वही युवक नोएडा में जिंदा मिला है. युवक बोल-सुन नहीं सकता है, नोएडा में फल की एक दुकान पर काम कर रहा था, तभी ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी और वे उसे रोसड़ा थाने ले आए. इस मामले में जेल गए चारों लोग अब पुलिस के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह इस बात का साफ उदाहरण है कि पुलिस किस तरह बेगुनाह लोगों को फंसाती है. इस घटना में निवर्तमान थाना प्रभारी और निवर्तमान डीएसपी ने एक नहीं सुनी और आरोप को सही ठहरा दिया.
जानें क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, ये पूरी घटना समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाना क्षेत्र के लालपुर गांव की है, जहां 4 साल पहले 2022 को गांव के मदन यादव ने रोसड़ा थाना में आवेदन देकर अपने 20 वर्षीय दिव्यांग पुत्र रवि शंकर कुमार की हत्या कर शव को गायब करने का आरोप लगाया था. आवेदन में कहा था कि गांव के सहदेव पंडित, मुकेश पंडित और दिनेश पंडित उसके पुत्र से जेसीबी, ट्रैक्टर और आम के बगीचे में काम करवाते थे. ट्रैक्टर पलटने से उसकी मौत के बाद शव गायब कर दिया गया. ट्रैक्टर चालक छोटू महतो को भी आरोपित बनाया गया था. इसी आधार पर पुलिस ने सहदेव पंडित, मुकेश पंडित और छोटू महतो को जेल भेज दिया था, जबकि दिनेश पंडित ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था.
थाने में जिंदा युवक को देख पुलिस भी हैरान
इस मामले में नया मोड़ 2 अक्टूबर 2026 को आया. लालपुर के ही आकाश कुमार जो नोएडा में मजदूरी करता है, दोपहर करीब 3 बजे सैलून जा रहा था. तभी फल दुकान पर काम कर रहे युवक को देखकर उसने पहचान लिया कि यह वही रवि शंकर कुमार है. उसने तुरंत साथियों और पंचायत के मुखिया को सूचना दी. ग्रामीणों ने युवक को पकड़ा और रोसड़ा थाना ले आए. थाने में जिंदा युवक को देख पुलिस भी हैरान रह गई. सूचना पर सैकड़ों ग्रामीण थाने पहुंच गए और बिना सत्यापन झूठा केस दर्ज कर निर्दोषों को जेल भेजने वाले तत्कालीन थानाध्यक्ष, आईओ और डीएसपी पर कार्रवाई की मांग करने लगे.
पुलिस की कार्यशैली पर खड़े हो रहे सवाल
इस मामले के चारों आरोपी ने जी मीडिया से बातचीत करते हुए कहा पुलिस ने चार साल में हम लोगों को बर्बाद कर दिया. आरोपी मुकेश कुमार ने बताया रि वो पढ़ाई करता था, लेकिन पुलिस ने उसे हत्यारा बना दिया. अब उस पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि कोई और बेगुनाह व्यक्ति जेल न जाए. इस बीच, पुलिस ने नोएडा में मिले रवि के बयान अदालत के सामने धारा 183 के तहत दर्ज कर लिया है. उन्होंने उन्हें उनके परिवार को सौंप दिया है और आगे की कार्रवाई कर रहे हैं.
समस्तीपुर पहुंची कर्नाटक पुलिस
वहीं, समस्तीपुर जिले से ही जुड़ी एक अन्य बड़ी घटना में कर्नाटक के बीदर जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. कर्नाटक के बीदर में एसबीआई (SBI) के एटीएम में नकदी डालने जा रहे कैश वाहन से बदमाशों द्वारा 93 लाख रुपये लूटने और इस दौरान गोलीबारी कर सुरक्षा गार्ड की हत्या करने के मामले में दो मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इस गिरफ्तारी के बाद कर्नाटक पुलिस की टीम ताबड़तोड़ जांच करते हुए समस्तीपुर पहुंची है. कर्नाटक पुलिस यहां इस वारदात से जुड़े संभावित संपर्कों, स्थानीय मददगारों और अन्य अहम सुरागों की तलाश में जुटी हुई है और लगातार छापेमारी व पड़ताल कर रही है.
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों की पहचान वैशाली जिले के रहने वाले अमन कुमार और आलोक कुमार उर्फ अंबानी के रूप में की गई है. इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद से ही पुलिस इस पूरे सिंडिकेट और वारदात से जुड़े हर पहलू को खंगालने में लगी है. हालांकि, समस्तीपुर में स्थानीय स्तर पर चल रही इस जांच के दौरान पुलिस ने किन-किन संदिग्धों से पूछताछ की है. टीम को क्या-क्या महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी हैं, इसे लेकर फिलहाल कोई जानकारी सामने नहीं आई है. इस मामले में नगर थानाध्यक्ष अजीत कुमार ने मीडिया को जानकारी दी कि कर्नाटक पुलिस की टीम समस्तीपुर आई थी और स्थानीय पुलिस स्तर पर उन्हें पूरा सहयोग प्रदान किया गया है.
रिपोर्ट: मंटून कुमार राय