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बिहार की पंचायतों में सुशासन का 'मिनी सचिवालय', एक ही छत के नीचे मिल रहीं सभी सरकारी सुविधाएं

बिहार में पंचायत सरकार भवन का तेजी से विकास हो रहा है. ग्रामीणों को गांव में ही एक ही छत के नीचे जरूरी सुविधाएं मिल रही है. पंचायत स्तर पर ही प्रमाण पत्र, बैंकिंग, पुस्तकालय और सरकारी योजनाओं की सुविधाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को राहत मिल रही है.

बिहार की पंचायतों में सुशासन का 'मिनी सचिवालय', एक ही छत के नीचे मिल रहीं सभी सरकारी सुविधाएं
Image Credit: बिहार की पंचायतों में सुशासन का 'मिनी सचिवालय' (AI IMAGE)

बिहार में ग्राम पंचायतें सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं. सरकार कई वित्तीय और प्रशासनिक कदम उठा रही है. पंचायत सरकार भवन के निर्माण का उद्देश्य ग्रामीणों को एक ही स्थान पर प्रशासनिक सेवाओं और जन कल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी सभी सुविधाओं का लाभ मिल जाए. पंचायत भवन में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के साथ-साथ आरटीपीएस केंद्र के माध्यम से विभिन्न सरकारी सेवाओं का लाभ मिलता है. 

यहां मुखिया, सरपंच, पंचायत सचिव, राजस्व कर्मचारी, कृषि विभाग के कर्मी, मनरेगा कर्मी, विकास मित्र और अकाउंटेंट आदि के बैठने की व्यवस्था की गई है. इसी वजह से पंचायत भवनों को ‘मिनी सचिवालय’ के रूप में विकसित किया गया है. इससे ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए प्रखंड कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते और उनकी समस्याओं का समाधान पंचायत स्तर पर ही हो जाता है. चलिए, जानते हैं कुछ ग्रामीणों से, जिन्हें इसका सीधा लाभ मिल रहा है.

गांव में ही विवादों का निपटारा

मैं भोला प्रसाद, ग्राम पंचायत बरौनी, प्रखंड तेघड़ा, जिला बेगूसराय का निवासी हूं. पंचायत भवन बनने से हमारी पंचायत में साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था और पक्की सड़कों जैसी सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं. इसके अलावा, आरटीपीएस केंद्र बनने से अब हमें आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र बनवाने और किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए प्रखंड कार्यालय नहीं जाना पड़ता है. ग्राम कचहरी बनने से भी हमें काफी सुविधा हुई है. अब छोटे-मोटे विवाद यहीं सुलझ जाते हैं. मेरी जमीन, जो मेरे दादाजी के नाम पर थी, उसका बंटवारा हम दोनों भाइयों के बीच सरपंच और अन्य गणमान्य लोगों की मौजूदगी में हुआ. हम दोनों भाइयों ने आपसी सहमति से खुशी-खुशी जमीन का बंटवारा किया.

मैं नवनीत कुमार, ग्राम भूना, पंचायत टेटिया बंबर, जिला मुंगेर का रहने वाला हूं. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे यहां पंचायत सरकार भवन बनने से हम सभी को एक ही जगह पर कई तरह की सुविधाएं मिल रही हैं. आरटीपीएस केंद्र में जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और पेंशन से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध हैं. अब हमें प्रखंड कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं. यहां बैंकिंग और जमीन से जुड़े काम भी होते हैं. यहां तक कि पंचायत सरकार भवन में पुस्तकालय भी है, जहां मेरे बच्चे पढ़ने आते हैं. वे शांतिपूर्ण माहौल में बैठकर पढ़ाई करते हैं. ये सभी सुविधाएं हमारे पंचायत में माननीय मुख्यमंत्री जी ने उपलब्ध कराई हैं. इसके लिए मैं उनका हार्दिक अभिनंदन करता हूं.

गांव में ही मिल रही हैं, जरूरी सरकारी सेवाएं

पंचायत सरकार भवन बनने से पहले ग्रामीणों को छोटे-मोटे कामों के लिए भी प्रखंड कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे. इससे उन्हें समय और पैसे, दोनों की परेशानी उठानी पड़ती थी. पंचायत सरकार भवन बनने से ग्रामीणों को काफी हद तक राहत मिली है. पंचायत भवन में बच्चों की पढ़ाई के लिए पुस्तकालय भी है, जहां बच्चे शांतिपूर्ण माहौल में पढ़ाई करते हैं. वहीं, पहले सड़कों पर कचरा बिखरा रहता था, लेकिन अब हर घर से कचरा उठाया जाता है. इसके अलावा, पंचायत के ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी सेवाओं, प्रमाण पत्रों और जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं मिल रही हैं.

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About the Author

Ranjana Kumari

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रंजना कुमारी Zee Bihar Jharkhand की डिजिटल टीम में बतौर Sub-Editor अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं. बिहार के सिवान जिले के जीरादेई से ताल्लुक रखने वाली रंजना स्थानीय और जमीनी मुद्दों पर गहरी पकड़ रखती हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में वे मुख्य रूप से राजनीति, क्राइम, यूटिलिटी और देश-दुनिया की अहम रूटीन खबरों को प्रमुखता से कवर करती हैं. Zee Media का हिस्सा बनने से पहले रंजना ने न्यूज इंडिया 24x7 में भी डेढ़ साल तक अपनी सेवाएं दी थीं. एकेडमिक की बात करें तो रंजना GJU से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन कर रही हैं.
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