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किताबों से आईपीएस बनने तक का सफर... फिर थाने की चौखट और कोर्ट रूम तक पहुंचा रिश्ता... ये महज तुकबंदी के शब्द नहीं हैं... यह बयां करते है खगड़िया एसपी भानु प्रताप और उनकी पत्नी पूजा सिंह के बीच पारिवारिक संग्राम की कहानी. दोनों के प्यार... शादी... बगावत और अब रिश्तों में दरार का फलसफा. जी हां. इस आर्टिकल में जानने कि कोशिश करेंगे कि एसपी भानु प्रताप और उनकी पत्नी पूजा सिंह के बीच विवाद को लेकर पूरा घटनाक्रम.
दरअसल, बिहार के खगड़िया जिले के एसपी और 2021 बैच के आईपीएस अधिकारी भानु प्रताप सिंह और उनकी पत्नी पूजा सिंह के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब निजी मामला नहीं रह गया है. यह मामला अब सार्वजनिक विवाद का रूप ले चुका है. लव मैरिज से शुरू हुई यह कहानी आज थाने की चौखट, महिला आयोग और मुख्यमंत्री आवास और कोर्ट तक जा पहुंची है.
एसपी की पत्नी पूजा सिंह ने मीडिया को बताया था कि साल 2015 में मेरी और भानु प्रताप सिंह की पहली मुलाकात कोलकाता में एक पारिवारिक समारोह के दौरान हुई थी. दोनों के बीच दोस्ती हुई जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. उस समय भानु प्रताप सिंह सिविल सेवा (UPSC) की तैयारी कर रहे थे.
उन्होंने बताया था कि दोनों के परिवार इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे। इसके बावजूद पूजा सिंह अपना घर छोड़कर भानु प्रताप सिंह के साथ रहने राजस्थान के भरतपुर चली गईं और दोनों ने शादी कर ली। पूजा सिंह ने एक प्राइवेट स्कूल में टीचर के रूप में काम करने लगी और घर को संभाला. वहीं, भानु प्रताप सिंह की तैयारी करने में लगे रहे. इस दौरान पूजा सिंह ने उनका सहयोग दिया.
एसपी भानु प्रताप सिंह और पूजा सिंह के घर एक बेटी का जन्म हुआ, जिसका नाम विभा रखा गया. इसी साल भानु प्रताप सिंह ने ऑल इंडिया 372वीं रैंक हासिल कर UPSC की परीक्षा पास की और बिहार कैडर के IPS अधिकारी चुने गए.
पूजा सिंह के अनुसार, आईपीएस बनने और बिहार में पोस्टिंग मिलने के बाद भानु प्रताप सिंह और पूजा सिंह के रिश्तों में तनाव आने लगा. पूजा सिंह का आरोप है कि पति पर पद मिलने के बाद बदलाव आ गया. इसके बाद उन पर तलाक के लिए दबाव बनाया जाने लगा. धीरे-धीरे मामला बढ़ता चला गया और विवाद का रूप से लिया.
एसपी की पत्नी पूजा सिंह का आरोप है कि साल 2025 में बात तब हद से पार हो गई जब ससुर और ननद बेटी को घुमाने के बहाने साथ ले गए, इसके बाद से बेटी से मुझे (पूजा सिंह) को मिलने नहीं दिया जा रहा है. वह अपनी बेटी से मिलने के लिए लगातार कोशिश कर रही हैं.
खगड़िया एसपी भानु प्रताप सिंह की पत्नी पूजा सिंह अपने पति के राजस्थान के भरतपुर स्थित आवास पर पहुंची. पूजा सिंह आरोप था कि ससुराल पक्ष उनकी 6 साल की बेटी को उनसे दूर कर रहा है. ससुराल का गेट न खुलने और ननद के घर भी जगह न मिलने पर पूजा सिंह रातभर भरतपुर के मथुरा गेट थाने में बैठी रही. इसके बाद पूजा सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
बिहार राज्य महिला आयोग का पूजा सिंह ने 26 अक्टूबर को दरवाजा खटखटाया. महिला आयोग में अपने पति एसपी भानु प्रताप सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया. इसके बाद महिला आयोग ने एसपी को अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया.
पूजा सिंह पटना में मुख्यमंत्री आवास पहुंचीं और बाहर धरने पर बैठ गईं. उन्होंने कहा कि वह पिछले दो महीनों से अपनी बेटी से नहीं मिली हैं और अगर न्याय नहीं मिला, तो अन्न-जल त्याग देंगी. प्रशासन और पटना पुलिस ने उन्हें वहां से हटाकर समाहरणालय पहुंचाया और एसडीएम से मुलाकात कराई.
दरअसल, 2 नवंबर सोमवार को इस मामले में पूजा सिंह और भानु प्रताप सिंह दोनों को बातचीत के लिए मुख्यमंत्री आवास बुलाया गया था. हालांकि, पूजा सिंह का कहना है कि दोनों को आमने-सामने नहीं बिठाया गया. भानु प्रताप सिंह ने उनसे यहां तक कह दिया कि अब जो भी बात होगी, कोर्ट में होगी. उसी रात पूजा सिंह ने पटना के महिला थाने में पति भानु प्रताप सिंह, ससुर और ननदोई के खिलाफ प्रताड़ना, जबरन तलाक के कागज पर दस्तखत कराने के दबाव और बेटी को दूर करने के आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई.
मिली जानकारी के अनुसार, बिहार पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में एडीजी और अन्य अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने की कोशिश की. करीब डेढ़ घंटे चली बातचीत में भानु प्रताप ने साफ कहा कि मामला कोर्ट में है और वह साथ नहीं रहना चाहते हैं.
पटना से वापस खगड़िया पहुंचकर पूजा सिंह एसपी के सरकारी आवास पर पहुंची. उन्होंने आरोप लगाया कि भानु प्रताप सिंह के निर्देश पर गार्ड ने गेट नहीं खोला, जिसके बाद वह अपनी बेटी से मिलने की मांग को लेकर आवास के बाहर धरना देकर बैठ गईं. इसके बाद जिला प्रशासन ने पूजा सिंह को एसपी आवास से समझा कर हटाया. फिलहाल, दोनों के बीच विवाद का मामला कोर्ट में चल रहा है.