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Jamui News: जमुई सदर अस्पताल में एक साथ दो प्रसूता महिलाओं की मौत के बाद मामला लगातार गहराता जा रहा है. मंत्री श्रेयसी सिंह के अस्पताल पहुंचकर व्यवस्था पर नाराजगी जताने और अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाने के कुछ ही घंटे बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डॉक्टर शालिनी के निजी क्लीनिक पर छापेमारी शुरू कर दी. देर शाम से शुरू हुई छापेमारी अब तक जारी है. छापेमारी अभियान की अगुवाई एसडीएम सौरभ सुमन कर रहे हैं. उनके साथ सदर अंचल अधिकारी, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक समेत स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद हैं. टीम क्लीनिक के अलग-अलग हिस्सों की जांच करने के साथ सीसीटीवी फुटेज, मरीजों से संबंधित जानकारी, इलाज के रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों को खंगाल रही है.
डॉक्टर के घर नहीं खोलने पर महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया
बताया जा रहा है कि डॉक्टर शालिनी अपने आवास पर ही हैं, लेकिन वह घर का गेट नहीं खोल रही हैं. इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से महिला पुलिसकर्मियों को भी बुलाया जा रहा है और इसके बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है. हालांकि, प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. दरअसल, दोनों प्रसूताओं की मौत के बाद परिजनों ने इलाज और अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे. पहले मामले में परिजनों द्वारा डॉक्टर शालिनी से बातचीत का ऑडियो रिकॉर्ड करने की बात भी सामने आई है. परिजनों का दावा है कि ऑडियो में मरीज की हालत गंभीर होने के बाद अस्पताल आने की बात कही गई थी. हालांकि, इस ऑडियो और उससे जुड़े दावों की भी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
जांच में प्रशासन को पूरा सहयोग
वहीं, आईएमए के जिला अध्यक्ष डॉ. राजीव रंजन कुमार ने कहा कि प्रशासन अपना काम करे और जो जांच-पड़ताल करनी है, वह करे. आईएमए की तरफ से प्रशासन को पूरा सहयोग किया जाएगा. डॉक्टर शालिनी सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं और मोटिवेशनल स्पीच, मेडिकल इक्विपमेंट, मेडिसिन समेत स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियों के वीडियो बनाकर लोगों को जागरूक करती हैं. हालांकि, अब मरीज के प्रति लापरवाही से जुड़ा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इसमें मरीज के परिजनों द्वारा इलाज के लिए बुलाए जाने पर डॉक्टर के क्रिटिकल स्थिति होने के बाद आने की बात कहे जाने का दावा किया जा रहा है.
दो प्रसूताओं की मौत के बाद प्रशासन की कार्रवाई टिकी नजर
एक साथ दो प्रसूताओं की मौत के बाद देर शाम से लगातार चल रही इस छापेमारी ने मामले को और गंभीर बना दिया है. जिला प्रशासन की टीम डॉक्टर शालिनी के निजी क्लीनिक पर मौजूद है और कार्रवाई जारी है. अब जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और डॉक्टर शालिनी के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा. ऐसे में सभी की नजरें प्रशासन की कार्रवाई और जांच के नतीजों पर टिकी हैं.
रिपोर्ट: अभिषेक निरला