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केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने 9 अक्टूबर, 2026 दिन शुक्रवार को कहा कि ट्रेनें रद्द कर देने या यातायात के साधनों को रोक देने से देश के युवाओं को नहीं रोका जा सकता. चिराग पासवान ने यह बात उस समय कही, जब भारतीय रेलवे ने 10 अक्टूबर को नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली कई ट्रेनों को रद्द और पुनर्निर्धारित कर दिया. राष्ट्रीय राजधानी में प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के कारण रेलवे स्टेशनों के आसपास भारी ट्रैफिक जाम की आशंका को देखते हुए यह फैसला लिया गया.
'युवाओं को कोई नहीं रोक सकता'
हरियाणा के कुंडली स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट के सातवें दीक्षांत समारोह को संबोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में चिराग पासवान ने कहा कि ये भारत के युवा हैं, इन्हें कोई नहीं रोक सकता. उन्होंने कहा कि जो लोग इस तरह की गलतफहमियां फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, कोई कितनी ट्रेनें रोक सकता है? कितनी कनेक्टिविटी रोक सकता है? कितनी सड़कें बंद कर सकता है? ये भारत के युवा हैं. इनके पास दुनिया को नई दिशा दिखाने की क्षमता है और इनसे पहले की पीढ़ियां भी ऐसा कर चुकी हैं. ऐसी स्थिति में इन्हें कोई नहीं रोक सकता.
23,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाए जाने की संभावना
दरअसल, 10 अक्टूबर, 2026 दिन शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली ट्रेन सेवाएं इन रद्दीकरणों से प्रभावित होंगी. इस बीच प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए राष्ट्रीय राजधानी को कड़े सुरक्षा घेरे में बदल दिया गया है. 23,000 से अधिक सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाए जाने की संभावना है.
'सीजेपी के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई'
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने कहा था कि सीजेपी के प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है, क्योंकि आयोजकों ने कानूनी निर्देशों और पिछले प्रदर्शन के दौरान दिए गए अपने आश्वासनों का पालन नहीं किया. पुलिस ने 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने की भी मांग की थी. दिल्ली पुलिस के प्रस्ताव के बाद दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने शुक्रवार को घोषणा की कि आंदोलन को देखते हुए 57 मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार शुक्रवार रात 9 बजे से अगले आदेश तक बंद रहेंगे.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को जानिए
सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले मेट्रो सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया जाना चाहिए. अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि मेट्रो और अन्य रेलवे सेवाओं का संचालन उचित तरीके से जारी रखा जाए, ताकि आम लोगों को कम से कम असुविधा हो.
इनपुट: आईएएनएस