बिहार में उच्च और तकनीकी शिक्षा को Artificial Intelligence (AI) और डिजिटल तकनीकों के जरिए और मजबूत किया जाएगा. इसके लिए, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग ने 'गूगल फॉर एजुकेशन' के साथ एक समझौता किया है. इस पहल के तहत, राज्य के सभी सरकारी तकनीकी संस्थानों के फैकल्टी सदस्यों को मुफ्त AI ट्रेनिंग दी जाएगी और उन्हें 'गूगल वर्कस्पेस' का एक्सेस मिलेगा. इसी क्रम में गुरुवार (15 अक्टूबर) को पटना के तारामंडल सभागार में ‘ट्रांसफॉर्मिंग हायर एजुकेशन इन बिहार विद जेनरेटिव एआई-गूगल’ विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया.
इसमें राज्य के 38 राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज और 46 राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों के प्राचार्य और मास्टर ट्रेनर्स शामिल हुए. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को एआई आधारित पढ़ाने के नए तरीकों और डिजिटल टूल्स से जोड़ना है, ताकि तकनीकी संस्थानों में पढ़ाई को और बेहतर और आधुनिक बनाया जा सके.
इस दौरान विभाग के सचिव हिमांशु शर्मा ने कहा कि यह समय तकनीक के बदलाव का है और AI शिक्षा में बड़ा बदलाव ला सकता है. उन्होंने कहा कि AI का इस्तेमाल सिर्फ नई तकनीक के लिए नहीं, बल्कि पढ़ाई की गुणवत्ता और छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए होना चाहिए.
उन्होंने AI के नैतिक, जिम्मेदार और विवेकपूर्ण उपयोग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग करते समय मानवीय निर्णय, शैक्षणिक मूल्यों, डेटा की गोपनीयता और उत्तरदायित्व को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. तकनीकी शिक्षा निदेशक मनोरंजन कुमार ने कहा कि उच्च एवं तकनीकी शिक्षा में डिजिटल बदलाव बहुत जरूरी है. यह प्रशिक्षण शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए उपयोगी होगा.
कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों में गूगल फॉर एजुकेशन की टीम ने शिक्षकों को Google education ecosystem, Gemini AI tool, digital workspaces और creative pedagogy and media जैसे महत्वपूर्ण विषयों के बारे में विस्तार से बताया. एआई की मदद से क्लास के लिए content बनाना, छात्रों के साथ सहयोग करना और पढ़ाने के नए तरीकों को अपनाने पर चर्चा की गई.
इस दौरान संयुक्त निदेशक मंजीत कुमार ने कहा कि यह साझेदारी बिहार की तकनीकी शिक्षा में डिजिटल क्रांति लाएगी. मास्टर ट्रेनर्स के जरिए इस ट्रेनिंग का लाभ राज्य के सभी 84 इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेजों तक पहुंचाया जाएगा. इससे बिहार की उच्च एवं तकनीकी शिक्षा अधिक आधुनिक, समावेशी और नवाचार वाली बनेगी.