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'पत्नी अर्धांगिनी होती है...': मेरठ के अमित हत्याकांड में क्यों हुआ 'सावित्री' का जिक्र? 3 दिन में 4 को फांसी

मेरठ के चर्चित अमित हत्याकांड में कोर्ट ने पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को फांसी की सजा सुनाई. फैसले में सती सावित्री का जिक्र करते हुए अदालत ने क्या कहा? जानें इस मामले से जुड़ी पूरी खबर.

'पत्नी अर्धांगिनी होती है...': मेरठ के अमित हत्याकांड में क्यों हुआ 'सावित्री' का जिक्र? 3 दिन में 4 को फांसी
Image Credit: मेरठ जिले में अमित कश्यप हत्याकांड पर 16 अक्टूबर को अदालत ने फैसला सुनाया. अतिरिक्त जिला जज न्यायालय संख्या-12 ने रविता और अमरदीप को फांसी की सजा दी.

मेरठ में सांप के काटने से पति की मौत की साजिश रचने वाली रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है. दोनों आरोपी इस समय मेरठ जेल में बंद हैं और अदालत में उनकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कराई गई. कोर्ट में सुनवाई के दौरान जब दोनों आरोपियों पर दोष साबित हो गए तो जज ने रविता को हिन्दू महाकाव्य महाभारत के वन पर्व (सावित्री-उपाख्यान) से ली गई 'सती सावित्री' की कहानी याद दिलाई और बताया कि कैसे पत्नी ने यमराज से भी अपने पति के प्राण बचाए थे.

यह दर्दनाक मामला 12 अप्रैल 2025 का है, जब मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र स्थित अकबरपुर सादात गांव में अमित कश्यप अपने घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे. उस समय अमित के बिस्तर में पास एक सांप भी मिला था. पहली नजर में परिवार और ग्रामीणों को लगा कि अमित की मौत सांप के काटने से हुई है. पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके से सांप को पकड़वाया और अमित के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा. पोस्टमार्टम के बाद इस केस की परतें खुलनी शुरू हो गई और 13 महीने बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट ने इस जघन्य अपराध के लिए फांसी की सजा सुनाई.

कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला और 'सती सावित्री' का जिक्र

कोर्ट ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' श्रेणी का मानते हुए दोनों दोषियों को फांसी के फंदे पर लटकाने का फरमान सुनाया. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि पत्नी पति की अर्धांगनी होती है. इसके साथ ही अदालत ने महाभारत की पौराणिक पात्र 'सावित्री' का भी विशेष जिक्र किया, जिसने अपने पति के प्राण बचाने के लिए यमराज से भी संघर्ष किया था और उन्हें वापस ले आई थीं.

कौन थीं 'सती सावित्री'?

सती सावित्री की कथा हिन्दू महाकाव्य महाभारत के वन पर्व (सावित्री-उपाख्यान) से ली गई है. यह कथा अटूट प्रेम, बुद्धि और धर्मनिष्ठा की प्रतीक है. सावित्री मद्रदेश के धर्मात्मा राजा अश्वपति की पुत्री थीं. सूर्यदेव की कृपा से इनका जन्म हुआ था. बड़ी होने पर राजा अश्वपति ने सावित्री को अपना वर स्वयं चुनने की अनुमति दी. सावित्री ने वन में रहने वाले, सद्गुणी राजकुमार सत्यवान को चुना, जो अंधे और राज्यच्युत राजा द्युमत्सेन के पुत्र थे. देवर्षि नारद ने सत्यवान को लेकर भविष्यवाणी की थी कि वो अल्पायु हैं और एक साल में ही उनकी मृत्यु हो जाएगी. फिर भी सावित्री ने सत्यवान को ही अपना वर चुना. समय पूरा होने के बाद एक दिन जब सत्यवान वन में लकड़ी काट रहे थे, तब उनकी तबीयत बिगड़ी और मृत्यु के देवता यमराज सत्यवान के प्राण लेने पहुंचे, तब सावित्री यमराज के पीछे-पीछे जाने लगीं. यमराज ने उन्हें कई बार लौटने को कहा, लेकिन सावित्री ने अपनी धर्मपरायणता, ज्ञान और तार्किक जवाब से यमराज से अपने पति को वापस ले आईं.

अवैध संबंधों के चलते पत्नी ने रची पति के कत्ल की खौफनाक साजिश?

मेरठ के इस बहुचर्चित मामले में पत्नी रविता और उसके पड़ोसी अमरदीप के बीच अवैध संबंध थे. इसी के विवाद के चलते दोनों ने मिलकर अमित कश्यप को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश रची थी. 12 अप्रैल 2025 को अमित अपने घर में मृत मिला था, जिसके बाद मामले को दबाने के लिए एक चतुराई भरा पैंतरा अपनाया गया था. वारदात को हादसे का रूप देने और पुलिस को गुमराह करने के लिए हत्या के बाद शव के पास जान बूझकर सांप छोड़ दिया गया था ताकि सब इसे कुदरती मौत या महज एक दुर्घटना समझें. अदालत ने पूरे घटनाक्रम और सबूतों को बेहद गंभीर माना. पत्नी और उसके प्रेमी के इस खौफनाक कदम को 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' मानते हुए कोर्ट ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई.

मेरठ में महज 2 दिनों में 4 आरोपियों को फांसी की सजा

मेरठ में महज 2 दिनों के भीतर 4 हत्या के आरोपियों को मौत की सजा सुनाई गई है. ये मामले साधारण नहीं थे. ये 'रेयरेस्ट ऑफ द रेयर' श्रेणी में आने वाले अपराध थे. पहले मामले में जहां पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या की और उसके शव को नीले ड्रम में भरकर सीमेंट से जमा दिया. अब कोर्ट ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को सजा-ए-मौत सुनाई. वहीं, इसके 40 दिन बाद ही मेरठ के ही एक और चर्चित हत्याकांड, जिसमें पत्नी ने अपने प्रेमी केस साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी और बाद में साजिश के तहत उसके बिस्तर में जहरीला सांप डाल दिया था. ताकि लोगों को ऐसा लगे कि पति की मौत सांप के काटने से हुई है. इस मामले में भी मेरठ कोर्ट ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है. पत्नी और प्रेमी दोनों पर अमित की गला दबाकर हत्या करने और वारदात को सांप के काटने से हुई मौत दिखाने की साजिश रचने का आरोप साबित हुआ. 

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About the Author

Ravindra Pratap Singh

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रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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