Varun Gandhi Letter: पीलीभीत की रेस से बाहर वरुण गांधी ने लिखी भावुक कर देने वाली चिट्ठी, 30 साल पुरानी कहानी याद दिलाई...
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Varun Gandhi Letter: पीलीभीत की रेस से बाहर वरुण गांधी ने लिखी भावुक कर देने वाली चिट्ठी, 30 साल पुरानी कहानी याद दिलाई...

Varun Gandhi Letter: पीलीभीत से टिकट कटने के बाद वरुण गांधी ने गुरुवार को पीलीभीत की जनता के नाम एक भावुक पत्र लिखा है.  एक्स पर पोस्ट कर लिखे इस पत्र में उन्होंने  लिखा कि वह यहां की जनता की सेवा के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे.

Varun Gandhi Letter: पीलीभीत की रेस से बाहर वरुण गांधी ने लिखी भावुक कर देने वाली चिट्ठी, 30 साल पुरानी कहानी याद दिलाई...

Varun Gandhi Letter: पीलीभीत से टिकट कटने के बाद वरुण गांधी ने गुरुवार को पीलीभीत की जनता के नाम एक भावुक पत्र लिखा है.  एक्स पर पोस्ट कर लिखे इस पत्र में उन्होंने  लिखा कि वह यहां की जनता की सेवा के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे. बता दें कि पीलीभीत से बीजेपी ने इस बार वरुण गांधी की जगह जितिन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है.

अनगिनत यादों ने किया भावुक
वरुण गांधी ने पत्र में लिखा, आज जब मैं यह पत्र लिख रहा हूं, तो अनगिनत यादों ने मुझे भावुक कर दिया है. मुझे वो 3 साल का छोटा सा बच्चा याद आ रहा है जो अपनी मां की उँगली पकड़ कर 1983 में पहली बार पीलीभीत आया था, उसे कहां पता था एक दिन यह धरती उसकी कर्मभूमि और यहां के लोग उसका परिवार बन जाएंगे.

पीलीभीत की सेवा करना सौभाग्यशाली
आगे लिखा कि मैं खुद को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे वर्षों पीलीभीत की महान जनता की सेवा करने का मौका मिला. महज एक सांसद के तौर पर ही नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के तौर पर भी मेरी परवरिश और मेरे विकास में पीलीभीत से मिले आदर्श, सरलता और सहृदयता का बहुत बड़ा योगदान है. आपका प्रतिनिधि होना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है और मैंने हमेशा अपनी पूरी क्षमता से आपके हितों के लिए आवाज उठाई.

आपका था, हूं और रहूंगा
उन्होंने लिखा कि एक सांसद के तौर पर मेरा कार्यकाल भले समाप्त हो रहा हो, पर पीलीभीत से मेरा रिश्ता अंतिम सांस तक खत्म नहीं हो सकता. सांसद के रूप में नहीं, तो बेटे के तौर पर सही, मैं आजीवन आपकी सेवा के लिए प्रतिबद्ध हूँ और मेरे दरवाजे आपके लिये हमेशा पहले जैसे ही खुले रहेंगे. मैं राजनीति में आम आदमी की आवाज उठाने आया था और आज आपसे यही आशीर्वाद मांगता हूँ कि सदैव यह कार्य करता रहूं, भले ही उसकी कोई भी कीमत चुकानी पड़े. मेरा और पीलीभीत का रिश्ता प्रेम और विश्वास का है, जो किसी राजनीतिक गुणा- भाग से बहुत ऊपर है. मैं आपका था, हूं और रहूंगा.

वरुण गांधी के एक्स पर पोस्ट किए गए इस पत्र पर यूजर्स के रिएक्शन आए. एक यूजर ने लिखा, "लोगों का प्रेम भी अटूट है, आपके प्रति।, एक ने लिखा, वरुण भाई, आपकी जीवटता और समर्पण का पूरा पीलीभीत ही नहीं, समूचा समुदाय कायल है।
जिस समर्पण भाव के साथ जनसेवा की है वो काबिले तारीफ़ है। आप भारत के किसी भी कोने से चुनाव लडने की घोषणा करो, आपकी जीत सुनिश्चित करने के लिए आपके समर्थक करबद्ध हैं।. एक अन्य यूजर ने लिखा, आपको पीलीभीत से चुनाव लडना चाहिए था।"

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